6832 वर्गमीटर में तैयार हो रहा है कार्गो टर्मिनल, सलाना 1. 20 लाख मीट्रिक टन माल लदान हो सकेगा
(शिवांग चतुर्वेदी)। अभी तक आपने जयपुर एयरपोर्ट से केवल यात्री विमानों को ही उड़ान भरते देखा होगा, लेकिन इस साल में अंत तक जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कार्गो स्पेशल फ्लाइट्स भी उड़ान भरने लगेंगी। जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने इसके लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। जयपुर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के साथ ही अब कार्गो टर्मिनल भी बनाया जा रहा है।
सालाना 1.20 लाख मीट्रिक टन कार्गो मूवमेंट संभव
लॉकडाउन से पहले जयपुर एयरपोर्ट से रोजाना 63 फ्लाइट्स संचालित हो रही थीं, और इनमें कई फ्लाइट्स में कार्गो की बुकिंग भी बड़ी मात्रा में हो रही थी। न केवल मुम्बई, बेंगलूरु, कोलकाता जैसे घरेलू शहरों के लिए, बल्कि बैंकॉक, कुआलालंपुर जैसे इंटरनेशनल शहरों के लिए भी फ्लाइट्स में कार्गो की बुकिंग हो रही थी। एयरपोर्ट प्रशासन ने इसे बढ़ाने के लिए कार्गो की बुकिंग और लोडिंग-अनलोडिंग के लिए नया टर्मिनल बनाया जा रहा है।
यहां से कार्गो स्पेशल फ्लाइट संचालित होंगी। कार्गो टर्मिनल बिल्डिंग 6832 वर्गमीटर क्षेत्र में बनाई जा रही है। यहां सभी एयरलाइंस को कार्गो बुकिंग के लिए काउंटर उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्गो टर्मिनल तक ट्रकों के आवागमन के लिए भी पार्किंग क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। नए कार्गो टर्मिनल से हर साल 1 लाख 20 हजार मीट्रिक टन तक माल लदान संभव हो सकेगा। कार्गो टर्मिनल की बिल्डिंग मौजूदा टर्मिनल-1 बिल्डिंग के साथ ही बनाई जा रही है।
एक साथ दो कार्गो फ्लाइट हो सकेंगी संचालित
दरअसल एयरपोर्ट प्रशासन को उम्मीद है कि दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स का कंजेशन रहने के चलते वहां से लोड होने वाला एयर कार्गो जयपुर भी आएगा। चूंकि दिल्ली एयरपोर्ट पर कार्गो लोड के लिए व्यवसायियों को ट्रकों से विमान में माल लदान करवाने के लिए लम्बी प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
चूंकि जयपुर एयरपोर्ट पर कार्गो लोड होने के लिए वेटिंग नहीं होगी, ऐसे में इसे यहां से सीधा मुम्बई, बेंगलूरु या चेन्नई जैसे शहरों के लिए भेजा जा सकेगा। नए कार्गो टर्मिनल के साथ 2 विमानों की पार्किंग भी बनाई जाएगी। यानी एक ही समय में 2 कार्गो फ्लाइट संचालित हो सकेंगी।
अभी कार्गो फ्लाइट में मुख्यतया ब्लूडार्ट, स्पाइसजेट और इंडिगो की फ्लाइट संचालित होती हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने कार्गो टर्मिनल निर्माण कार्य पूरा होने का लक्ष्य दिसंबर माह तक रखा है, लेकिन कोविड के चलते निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, ऐसे में इसमें थोड़ी देर भी हो सकती है। अधिकारियों की मानें तो नए वित्तीय वर्ष से जयपुर एयरपोर्ट से कार्गो फ्लाइट्स का मूवमेंट शुरू हो जाएगा।
इसलिए पड़ी कार्गो टर्मिनल निर्माण की जरूरत
- वर्ष 2014-15 में जयपुर से कार्गो मूवमेंट: 3259 मीट्रिक टन
- वर्ष 2015-16 में जयपुर से कार्गो मूवमेंट : 9370 मीट्रिक टन
- वर्ष 2016-17 में जयपुर से कार्गो मूवमेंट : 16126 मीट्रिक टन
- वर्ष 2017-18 में जयपुर से कार्गो मूवमेंट : 16304 मीट्रिक टन
- वर्ष 2018-19 में जयपुर से कार्गो मूवमेंट : 18513 मीट्रिक टन
- वर्ष 2019-20 में जयपुर से कार्गो मूवमेंट : 17499 मीट्रिक टन
- वर्ष 2020-21 में अगस्त तक कार्गो मूवमेंट : 2545 मीट्रिक टन
- पिछले वर्ष अप्रैल से अगस्त तक कार्गो था : 6989 मीट्रिक टन
- यानी पिछले वर्ष की तुलना में 63.6 प्रतिशत कार्गो मूवमेंट कम रहा
कोविड-19 लॉकडाउन के चलते इस वर्ष कार्गो लोड में कमी आई है।


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