विश्वकर्मा प्रोजेक्ट में मैनुवल लोडिंग को लेकर संयुक्त मोर्चा और भाजपा समर्थक हुए आमने सामने

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  • भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
  • कई बार झड़प, क्षेत्र में तनाव

झारखण्ड/धनबाद : बीसीसीएल के धनसार स्थित विश्वकर्मा प्रोजेक्ट में तीन साल के बाद गुरुवार 28 जनवरी से मैनुअल लोडिंग का काम शुरू होना था, जिसे लेकर संयुक्त मोर्चा और भाजपा समर्थक प्रोजेक्ट में आमने सामने हो गए।

 

 

स्थिति को नियंत्रण करने के लिए भारी संख्या में जिला पुलिस और सीआईएसएफ के जवान विश्वकर्मा प्रोजेक्ट में तैनात कर दिए गए। ताकि मैनुअल लोडिंग का काम शांति पूर्वक हो सके। लेकिन दोनों गुट के समर्थक अपना-अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए प्रोजेक्ट में आमने-सामने जम गए और एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।

 

मीडिया से बात करते हुए संयुक्त मोर्चा के मजदूर नेता एवं मजदूरों ने बताया कि स्थानीय रैयतों ने बीसीसीएल को विश्वकर्मा प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन दी है। उसके एवज में रोजी-रोटी चलाने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन ने प्रोजेक्ट में लोडिंग का काम दिया था। लेकिन बीते कुछ वर्षों से स्थानीय नेता गुड्डू सिंह के द्वारा प्रोजेक्ट में वर्चस्व कायम करने और रंगदारी मांगने के कारण लोडिंग कार्य में बाधा पहुँच रही है।

 

 

मजदूरों ने यह भी बताया कि विगत 16 जनवरी 2018 से लोडिंग का काम पूरी तरह से बंद है। लोडिंग कार्य बन्द होने से लगभग 650 मजदूर बेरोजगार हो गए है एवं मजदूरों के आगे भुखमरी की स्थिति उतपन्न हो गई है ।

 

संयुक्त मोर्चा के समर्थकों ने यह कहा कि गुरुवार 28 जनवरी से हर हाल में मैनुअल लोडिंग का काम बीसीसीएल प्रबंधन को चालू करना होगा अन्यथा प्रोजेक्ट में स्थानिए बेरोजगार उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होंगे।

 

 

वहीं भाजपा समर्थकों का कहना है कि हम भी विश्वकर्मा प्रोजेक्ट में वर्षो से काम कर रहे है हमारे मजदूरों को भी विश्वकर्मा प्रोजेक्ट में मैनुअल लोडिंग का काम मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त मोर्चा के लोगो को जमीन के बदले नौकरी मिली है और हमलोगों को नौकरी के बदले टोकरी। इसलिए हमें हर हाल में मैनुअल लोडिंग का काम चाहिए ताकि हम मजदूर टोकरी के जरिये मैनुअल लोडिंग कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर सके ।

 

 

अब सवाल यह उठता है कि क्या वर्षो से बंद पड़ी मैनुअल लोडिंग का कार्य शुरू हो पायेगा या फिर विश्वकर्मा लोडिंग प्वाइंट की धरती खूनी संघर्ष की साक्षी बनेगा?

: द न्यूज़ के लिए अमित कुमार की रिपोर्ट।

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