सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो शाहजहांपुर-खेड़ा हरियाणा बॉर्डर पर आज बदल सकता है आंदोलन का स्वरूप
कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा किसान आंदोलन सोमवार को नया मोड़ ले सकता है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि शांतिपूर्वक आंदोलन करेंगे और उनके बीच में जबरदस्ती कोई आएगा तो मजबूरन जवाब भी देना पड़ेगा। उनका यह इशारा दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस को लेकर हो सकता है।
इधर, राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने भी अपने मंत्री व विधायकों के कह दिया कि यह किसानों के बीच जाएं और इन कानूनों को लेकर जागरूक करें। इसके साथ यह भी चेतावनी दी है कि अब कांग्रेस किसानों के साथ आगे बढ़ने में कतई संकोच नहीं करेगी।

किसानों की कड़ी परीक्षा का दौर
जिले में मौसम के पलटा खाने के साथ ही किसानों की कृषि कानूनों को लेकर जारी लड़ाई और संघर्ष पूर्ण हो गई है। यहां पिछले 2 दिनों से कई बार बारिश होने के कारण किसानों के तंबू में पानी भर चुका है। गद्दा रजाई सहित अन्य सामान गीला होने के बाद रात्रि को विश्राम के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े। किसानों ने बताया कि बड़ी संख्या में नए गद्दे रजाई मंगाने पड़े हैं। इसके अलावा बारिश में भीगे हुए सामान को बाहर धूप और हवा में सुखाकर वापस काम में लिया गया है।

200 से अधिक ट्रैक्टर आए
एक दिन पहले ही रविवार को शाहजहांपुर खेड़ा हरियाणा बॉर्डर पर पंजाब व उत्तराखंड से करीब 200 ट्रैक्टरों के जरिए बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंच गए। जिससे भी यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अब किसान दिल्ली की ओर कूच करने के लिए सरकार पर दबाव बनाएंगे। वैसे भी 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने के लिए किसानों का ऐलान हो चुका है। उससे पहले ही किसानों की दिल्ली पहुंचने की रणनीति है।

रामपाल जाट अभी अस्पताल में
किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट अभी अस्पताल में भर्ती है। रामपाल जाट के नेतृत्व में शाजापुर बॉर्डर पर 2 दिसंबर से किसानों का पड़ाव शुरू हुआ था। इसके बाद 12 दिसंबर से किसान हाईवे पर आ गए और 25 दिसंबर से हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया गया।
बैरियर तोड़कर जा चुके किसान आगे रुके हुए
4 दिन पहले शाजापुर खेड़ा हरियाणा बॉर्डर बैरियर तोड़कर काफी किसान दिल्ली की ओर बढ़े लेकिन उनको 35 किलोमीटर दूर ही हरियाणा पुलिस ने रोक दिया। वहां पर भी किसानों को रोकने के लिए उन पर हल्का बल प्रयोग किया गया था। सूचना यह भी है कि हरियाणा पुलिस ने कुछ किसानों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए थे। उसके बाद अब वापस शाहजहांपुर हरियाणा बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़ गई है।


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