कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं, विवाह समारोहों के लिए अनुमति की जरूरत नहीं: योगी

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 प्रोटोकॉल के नाम पर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा किसी भी तरह का उत्पीड़न किए जाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा होने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।  राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के नाम पर पुलिस प्रशासन द्वारा किया जाने वाला उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार करने वाले अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल को अपनाने के लिए लोगों को जागरूक तथा प्रेरित करें। प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया है कि शादी समारोहों के आयोजन के लिए पुलिस या प्रशासन से किसी भी तरह की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है।

इस बीच, सूचना विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने संवाददाताओं को बताया कि कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों का पालन कर विवाह समारोह का आयोजन किया जा सकता है। शादियों में डीजे या बैंड पर कोई पाबंदी नहीं है और विवाह समारोह में शामिल किए जाने वाले लोगों की निर्धारित संख्या में बैंड बाजे वालों तथा खानसामों और खाना परोसने वालों को शामिल नहीं माना जाएगा। उन्होंने बताया कि शादी का आयोजन करने के लिए नजदीकी पुलिस थाने को इस बारे में सूचना देनी होगी कि आयोजन कोविड-19 प्रोटोकॉल को ध्यान में रखकर किया जाएगा। सहगल ने कहा कि सोशल मीडिया पर कोविड-19 और लॉकडाउन इत्यादि को लेकर अनेक भ्रामक खबरें चलाई जा रही हैं।

लोग इनपर विश्वास न करें और सरकार की तरफ से जारी सूचनाओं पर ही यकीन किया जाए। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को जारी नए दिशा-निर्देशों में हॉल या ऐसे ही बंद स्थानों पर शादी तथा अन्य सामाजिक समारोहों में 100 से ज्यादा लोगों की शिरकत पर पाबंदी लगा दी थी। इसके अलावा खुले में ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की स्थिति में उस जगह के 40 प्रतिशत हिस्सेका ही इस्तेमाल किए जाने के निर्देश दिए गए थे। इन कार्यक्रमों में कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने की भी हिदायत दी गई है।

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