IPS अनुराग गुप्ता के खिलाफ होगी कार्रवाई, CM ने दी अनुमति
निलंबित आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे संबंधित प्रस्ताव को CM हेमंत सोरेन ने मंगलवार को स्वीकृति दे दी है। इनके खिलाफ The Prevention Of Corruption Act, 1988 की धारा 7 एवं 13 (1) (d) और 13 (2) सह पठित भारतीय दंड विधान की धारा 120 (b)के तहत कार्रवाई की जाएगी ।
इसी साल सस्पेंड किया गया था। 2016 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान अनुराग गुप्ता पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा था। निर्वाचन आयोग की जांच और निर्देश के बाद 29 मार्च 2018 को रांची के जग्गनाथपुर थाना में गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 171 बी और 171 सीएफआईआर दर्ज है। चुनाव आयोग ने एफआईआर करने के अलावा एडीजी अनुराग गुप्ता के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही चलाने का भी निर्देश दिया था। इससे पहले सीएम ने इसी साल इन्हें सस्पेंड किया था।
मरांडी ने गड़बड़ी की शिकायत की थी
झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने राज्यसभा चुनाव 2016 में कथित गड़बड़ी की शिकायत को लेकर 2017 में एक सीडी जारी की थी। सीडी में भाजपा प्रत्याशी को वोट देने के लिए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और एडीजी अनुराग गुप्ता के बीच बातचीत का जिक्र था। इसके बाद आयोग के प्रधान सचिव वीरेंद्र कुमार ने रांची आकर जांच की थी। फिर तत्कालीन मुख्य सचिव को लिखे पत्र में अनुराग गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा था। जांच के बाद 13 जून 2017 को निर्वाचन आयोग ने अनुराग गुप्ता के खिलाफ
एफआईआर और विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्देश दिया था। मरांडी ने कहा था- गुप्ता ने योगेंद्रसाव को 26 बार फोन कर धमकी दी मरांडी ने कहा था कि कांग्रेस विधायक निर्मला देवी को वोट देने से रोकने के लिए उनके पति और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को एडीजी अनुराग गुप्ता ने दो दिन में 26 बार फोन कर लालच और धमकियां दीं। सीडी में एक जगह योगेंद्र साव से गुप्ता कहते हैं कि अभी तीन-चार साल रघुवर सरकार रहेगी, आपको बहुत ऊंचाई तक ले जाएंगे, बात मानने पर दिक्कत होगी।

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