उत्तरी तटीय तमिलनाडु में चक्रवाती तूफान ‘मिचौंग’ के कारण चेन्नई और आसपास के जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हो गई।

 

इसके साथ ही मंगलवार को शहर और उसके आसपास के जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों को बचाने के लिए नौकाओं और ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया गया।

 

चेन्नई के अधिकांश इलाकों में मंगलवार को सुबह से बारिश का असर कम रहा, जिससे अधिकारियों को बचाव और राहत कार्य तेज करने के लिए समय मिल गया है।

 

 

चेन्नई के निगम मुख्यालय में मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि राहत कार्य युद्ध स्तर किए जा रहे हैं।

 

 

स्टालिन ने बताया कि मूसलाधार बारिश से प्रभावित चेन्नई सहित नौ जिलों में कुल 61,666 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें अब तक भोजन के लगभग 11 लाख पैकेट और दूध के एक लाख पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

 

चेन्नई नगर निगम ने राहत कार्यों के लिए अन्य जिलों से पांच हजार श्रमिकों को बुलाया है। ये श्रमिक बचाव कार्य और राहत सामग्री वितरित करने के लिए उत्तरी चेन्नई के पेरियामेट और जलभराव वाले इलाकों में ट्रैक्टर और नौकाओं का उपयोग कर रहे हैं।

 

 

चेन्नई में चरणबद्ध तरीकों से बिजली आपूर्ति को बहाल किया जा रहा है, उपनगरीय शहर तांबरम, अशोक नगर, कट्टुपक्कम और पेरूंगुडी सहित कई इलाकों के लोगों ने बारिश रुकने के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने की शिकायत की है।

 

 

अशोक नगर निवासी मुकेश ने कहा कि इलाके की मुख्य सड़कों से पानी उतर गया है, लेकिन बिजली आपूर्ति अभी तक बहाल नहीं हुई है।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से बहाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2015 की बाढ़ (जब अन्नाद्रमुक सत्ता में थी) की तुलना में स्थिति को काफी बेहतर तरीके से संभाला गया। (भाषा)

 

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