राष्ट्रीय लोक अदालत ने 15 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया

न्याय प्रणाली पर दबाव घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत 33 लाख से अधिक लंबित एवं वाद-पूर्व मामलों में 15 लाख मामलों का देश भर में शनिवार को लगाई गई लोक अदालतों में निस्तारण किया गया तथा 2,281 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर देने का आदेश जारी किया गया।

राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) द्वारा इस साल आयोजित यह तीसरी लोक अदालत है।
नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश यू यू ललित ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय लोक अदालत देश में न्याय प्रणाली पर बोझ को घटाने के लिए जरूरी है। ’’

नालसा ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतों की निगरानी करने वाले न्यायमूर्ति ललित ने 50 से अधिक पीठासीन न्यायाधीशों से बात की।
इसमें कहा गया है कि वर्चुअल और हाइब्रिड माध्यमों से आयोजित लोक अदालतों में 33,12,389 मामले लिये गये, जो या तो अदालतों में लंबित थे या फिर वाद-पूर्व चरण में थे।

नालसा के सदस्य सचिव ने एक बयान में कहा कि शनिवार शाम चार बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 15, 33,186 मामलों का निस्तारण किया गया और मुआवजे के तौर पर 22,81,30,62,951 रुपये देने का आदेश जारी किया गया।
इनमें से ज्यादातर मामले मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस और श्रमिकों से जुड़े विषयों से थे।
अब अगली लोक अदालत दिसंबर 20121 में आयोजित की जाएगी।

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