डीडीएमए ने जारी की नई गाइडलाइन, दिल्ली में अब निजी दफ्तर, रेस्तरां और बार भी रहेंगे बंद
भारत में कोरोना तेज रफ़्तार से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटो में यहां 2.58 लाख मामले सामने आए हैं। बात अगर देश की राजधानी दिल्ली की करें तो यहां बीते 24 घंटो में 18,226 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाने का फैसला किया है। मंगलवार को दिल्ली में जारी कोविड से जुड़े दिशानिर्देशों को एक बार फिर संशोधित किया गया है। संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक अब आवश्यक वस्तुओं से जुड़े दफ्तरों को छोड़कर सभी निजी दफ्तरों को बंद करने को कहा गया है। इसके साथ ही बार और रेस्तरां भी बंद किए जाएंगे। ग्राहकों को रेस्तरां से सिर्फ खाना पैक कराने की सुविधा होगी। यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी।
सभी पाबंदियों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। अगर जरूरत पड़ी तो पाबंदियां और सख़्त की जा सकती हैं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आदेश में कहा गया है कि बीते दिनों कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान संक्रमण की दर 23 फ़ीसदी से ऊपर दर्ज की गई, ऐसे में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए कुछ और पाबंदियां लगाई जा रही हैं।
अब सभी निजी दफ्तर बंद रहेंगे कर्मचारी घर से काम करते रहेंगे। अभी तक दफ्तर 50 फीसदी क्षमता के साथ काम कर रहे थे। आपको बता दें कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े दफ्तर इस पाबंदी से बाहर रहेंगे। दिल्ली में अब बार भी बंद होंगे और रेस्तरां मैं बैठकर खाने की इजाजत नहीं मिलेगी। दिल्ली सरकार ने यह दावा किया है कि राजधानी में कोरोना का पीक निकल चुका है। अब मामलों में रोजाना कमी आएगी। लेकिन दूसरी तरफ कोरोना की जांच में बीते दो दिनों में 36 फीसदी की कमी देखी गई। कोरोना से बचाव के लिए दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए वीकेंड कर्फ्यू का भी असर देखने को मिला। इस दौरान लोगों को जरूरत की वस्तुओं और सेवाओं की पूर्ति बिना किसी रूकावट के की गई।
इन दफ्तरों को है छूट
दिल्ली में प्राइवेट बैंक, जरूरी सेवा देने वाली कंपनियों के दफ्तर, इंश्योरेंस कंपनी, दवा कंपनियों के दफ्तर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नियमित संस्थाएं, माइक्रोफाइनेंस संस्थान, सभी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कॉरपोरेशन, पेट्रोल पंप, एलपीजी आपूर्तिकर्ता, अदालतों/ ट्रिब्यूनल, वकीलों के दफ्तर कोरियर सर्विस से जुड़ी सेवाएं को छूट दी गई है।
कानूनों के उल्लंघन पर होगी कार्यवाही
अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो आपदा प्रबंधन act-2005 के सेक्शन 51-60 के और आईपीसी की धारा 188 के तहत उस को दोषी माना जाएगा। इन धाराओं के अंतर्गत उसके खिलाफ उचित कार्रवाई भी की जाएगी।
