Lalita Saptami: राधा रानी की प्रधान ललिता सखी का पूजन आज, इस विधि से लगाएं भोग व आरती

आज यानी की 18 सितंबर 2026 को ललिता सप्तमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व राधा अष्टमी के एक दिन पहले आता है। यह पर्व श्री ललिता सखी को समर्पित है, जिनको ब्रज भक्ति परंपराओं में राधा रानी के अष्टसखियों में सबसे खास माना गया है। ललिता सखी को श्रीकृष्ण और देवी राधा के प्रति सच्ची निष्ठा, बुद्धिमत्ता, समर्पण और साहस के लिए याद किया जाता है। वृंदावन, बरसाना और ब्रज से जुड़े क्षेत्रों में इस पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। तो आइए जानते हैं ललिता सप्तमी की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व आदि के बारे में…

तिथि और मुहूर्त

वैदिक पंचांग के मुताबिक 17 सितंबर सुबह 10:48 मिनट पर सप्तमी तिथि की शुरूआत हुई है। वहीं आज यानी की 18 सितंबर 2026 की दोपहर 01:01 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर ललिता सप्तमी का पर्व 18 सितंबर 2026 को मनाया जा रहा है।

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें और सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके बाद मंदिर की साफ-सफाई कर उसको गंगाजल से पवित्र करें। अब एक चौकी पर राधा-कृष्ण की प्रतिमा को स्थापित करें और साथ ही ललिता सखी की प्रतिमा को स्थापित करें। फिर चंदन, अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि अर्पित करें। दीपक जलाकर विधि-विधान से राधा-कृष्ण और ललिता सखी की पूजा-आराधना करें। मिठाइयों और फलों का भोग लगाएं और आरती करें।

जानें कौन हैं ललिता सखी

ललिता सखी को ब्रज भक्ति परंपरा में श्री राधा रानी की 8 प्रमुख सहेलियों में प्रमुख माना गया है। भगवान कृष्ण और राधा की प्रेममयी सेवा के रूप में इस अष्टसखियों को आज भी याद किया जाता है।