बीजीआर कंपनी के गार्ड का मिला शव, हुई हत्या या दुर्घटना में गई जान ? जानें क्या है चर्चा का माहौल
- जाँच में जुटी पुलिस
- 17 लाख का मिलेगा मुआवजा
झारखण्ड/पाकुड़ : ज़िले के अमड़ापाड़ा प्रखण्ड स्तिथ पचुवाड़ा कोल् माइंस में संचालित बीजीआर कंपनी के लोटामारा स्थित रेलवे साइडिंग में आज रविवार सुबह एक शव के कोयले के ढ़ेर में मिलने से सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार शव कंपनी के साइडिंग में काम करने वाले एक सुरक्षा गार्ड का है। कोयले के ढेर से गार्ड का बाइक भी मिला है।
शव जिस हालत में मिला तो परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि शव और बाइक को कोयले के ढेर में दबा कर साक्ष्य छुपाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं घटना की सूचना मिलने पर पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस पदाधिकारियों की एक के बाद एक गाड़ियां साइडिंग पहुंचने लगी। काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल स्वयं घटना स्थल पर पहुंचे।
पुलिस निरीक्षक सह नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार, मालपहाड़ी ओपी प्रभारी सत्येंद्र यादव, एसआई संतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी अपनी टीम को लेकर पहुंचे। अंचल अधिकारी (सीओ) भागीरथ महतो, अंचल निरीक्षक देवकांत सिंह एवं अंचल कर्मी शिवाशीष वात्स्यायन भी पहुंचे। वहीं रेलवे से आरपीएफ के पदाधिकारी गौरव चौधरी भी दल-बल के साथ पहुंचे।
- बीजीआर के कोई अधिकारी नहीं पहुँचे स्पॉट पर
पीड़ित परिवार की ओर से बार-बार मांग करने के बावजूद बीजीआर कोल कंपनी के कोई भी अधिकारी स्पॉट पर जाना तक मुनासिब न समझा। स्पॉट पर कंपनी के किसी भी अधिकारियों या प्रतिनिधि के नहीं आने से बाज़ार में कई तरह की चर्चाओं का माहौल रहा।
- मृतक के पिता ने जताई हत्या की आशंका
मृतक गार्ड के पिता सह मुखिया बिपिन सरदार ने घटनास्थल पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनका पुत्र साइडिंग में गार्ड का काम करता था। यहां सुबह 5:00 बजे उसकी ड्यूटी थी। कहा कि सुबह 4:30 बजे घर से बाइक से निकला था। घर से निकलने के बाद फोन पर जानकारी मिली कि सुबीर का एक्सीडेंट हो गया है। जैसे ही जानकारी मिली मैं दौड़े-दौड़े परिवार के साथ साइडिंग पहुंचे। इधर-उधर काफी खोजबीन की। लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। इसी दौरान पुत्र सुबीर के बाइक का टूटा हुआ शीशा दिखा। इतने में सूचना पर पुलिस पदाधिकारी पहुंचे। शक होने पर डंपिंग किए गए कोयले के ढेर में जेसीबी से खोज करने लगे। तभी कोयले के ढेर से बाइक मिला और फिर पुत्र सुबीर का शव भी निकाला गया। उन्होंने बताया कि मेरे की हत्या पुत्र की गई है और साक्ष्य छुपाने के लिए बाइक और शव को कोयले के ढेर में दबा दिया गया।
- क्या कहा एसडीपीओ ने
एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की गहराई से जांच होगी। दोषी व्यक्ति किसी भी हालत में बख्शे नहीं जाएंगे। पुलिस हर बिंदु पर जांच करेगी। इसमें चाहे किसी की भी संलिप्तता हो, बख्शा नहीं जाएगा। यह बेहद ही जघन्य अपराध है।
- प्रथमदृष्टया हत्या का हो सकता है मामला
प्रथमदृष्टया शव को देखने से ही प्रतीत होता है कि घटना को अंजाम देने वाले ने बेहद ही बेरहमी से ऐसा कृत्य किया है। अंजाने में चाहे दुर्घटना हुई हो या जानबूझकर किया गया घटना हो, शव को बड़ी बेरहमी से मशीन से घसीटते हुए कोयले के ढेर में दबा दिया गया होगा। बाइक को भी कोयले के ढेर में दबाया गया। इससे साफ पता चलता है कि अपराधी की कुछ और खतरनाक मंशा रही होगी। आशंका जताई जा रही है कि शव और बाइक को मौका देखकर मालगाड़ी के वैगन में अगर लोड कर दिया जाता तो शव मिलना नामुमकिन हो जाता।
- 17 लाख का मिलेगा मुआवजा
एसडीपीओ के कार्यालय में सर्वसम्मति से बने शिष्टमंडलों के बीच यह तय किया गया की पीड़ित परिवार को 17 लाख रुपए व एक बाइक मुआवजा के तौर पर मिलेगा। एसडीपीओ अजीत कुमार विमल की मौजूदगी में लिए गए निर्णय में कंपनी के वाइस चेयरमैन अनिल रेड्डी, जेएमएम के जिलाध्यक्ष श्याम यादव, कांग्रेस से विधायक प्रतिनिधि सह जिला उपाध्यक्ष गुलाम अहमद बकुल, भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुग्रहित प्रसाद साह के अलावा सीओ भागीरथ महतो, सीआई देवकांत सिंह, नगर थाना प्रभारी मनोज कुमार, आंचल कर्मचारी शिवाशीष वात्स्यायन, हीरानंदनपुर मुखिया नीपू सरदार एवं परिवार की ओर से राकेश कुमार माल मौजूद थे। वहीं सहमति के बाद तत्काल एक लाख रुपए नगद दिया गया। शेष राशि परिवार के संयुक्त खाते में एक सप्ताह के अंदर दिया जाएगा।


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