रेल मंत्री ने लिया दुर्घटना स्थल का जायजा, कहा- शायद लोकोमोटिव के उपकरण में दिक्कत आ गयी थी

रेल मंत्री ने लिया दुर्घटना स्थल का जायजा, कहा- शायद लोकोमोटिव के उपकरण में दिक्कत आ गयी थी
नमस्कार न्यूजरूम में आप सभी का स्वागत है। पश्चिम बंगाल के जलपाइगुड़ी जिले में बीकानेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन के 12 डिब्बे पटरी से उतरने के कारण हुए हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) की प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि तीन मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। उल्लेखनीय है कि देश में 34 महीनों के बाद कोई रेल दुर्घटना हुई है। राहत और बचाव कार्यों में समन्वय कर रहे केंद्रीय राज्यमंत्री जॉन बारला ने कहा कि घायलों का इलाज जलपाइगुड़ी के ‘सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल’ में चल रहा है, जबकि उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में छह लोग और मयनागुरी ग्रामीण अस्पताल में सात लोग भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों को वहां से निकालने का काम देर रात्रि को पूरा हो चुका था।
इस बीच, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार सुबह रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ट्रैक साइट व लोकोमोटिव का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रूप से पता चल रहा है कि लोकोमोटिव के एक उपकरण में दिक्कत आई, ये दिक्कत क्यों आई ये उसे खोलने के बाद पता चलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बाद में जलपाईगुड़ी में गुवाहाटी-बीकानेर एक्सप्रेस दुर्घटना में घायल हुए यात्रियों से अस्पताल में जाकर मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

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हम आपको बता दें कि ट्रेन के पटरी से उतरने के समय लगभग 1,053 यात्री ट्रेन में सवार थे। यह दुर्घटना NFR के अलीपुरद्वार मंडल के अंतर्गत गुरुवार शाम करीब पांच बजे हुई। दुर्घटना के समय आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त एक डिब्बा टक्कर के कारण दूसरे कोच पर चढ़ गया, जबकि कुछ डिब्बे ढलान से नीचे गिरकर पलट गए थे। दुर्घटना के बाद आस-पास के गांवों के सैंकड़ों लोग तत्काल मौके पर जमा हो गए और डिब्बों में फंसे यात्रियों को निकालने में मदद की। टक्कर से कुछ डिब्बे बाकी ट्रेन से अलग हो गए थे, जबकि कुछ के पहिए पटरी से उतर गए थे। इस बीच पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने एक बयान में जानकारी दी है कि रेलवे ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये और मामूली रूप से घायल हर यात्री को 25,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
हम आपको यह भी बता दें कि इस हादसे के बाद रेल मंत्री ने तो दुर्घटना स्थल का जायजा लिया और राहत कार्यों की समीक्षा की ही साथ ही राजस्थान सरकार ने भी राहत कार्य में समन्वय के लिए अपने दो मंत्रियों को पश्चिम बंगाल भेजा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी व आपदा प्रबंधन व सहायता मंत्री गोविंद राम मेघवाल पश्चिम बंगाल के बागडोगरा हवाई अड्डे रवाना हुए तथा राज्य सरकार की तरफ से समन्वय का काम संभाला। ये दोनों मंत्री उसी बीकानेर इलाके से हैं जहां से यह ट्रेन असम के लिए रवाना होती है।

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