जानिए ट्रेन के नंबर में क्यों हो रहा है परिवर्तन, नंबर चेंज होने से कैसे मिलेगा यात्रियों को फायदा
कोविड-19 महामारी के प्रकोप को कम करने के लिए सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा करते हुए तमाम ट्रेनों की आवाजाही को बंद कर दिया था, अब जब महामारी का प्रकोप कम हो गया है तो सरकार ने रेलवे की पुरानी व्यवस्था को दुबारा से बाहल करते हुए सभी ट्रेनों को पहले की तरह सामान्य रूप में चलाने की घोषणा की है साथ ही अभी अभी ट्रेनों के जनरल डब्बे को शुरू करने के भी आदेश दे दिए है। जिसके बाद ट्रेनों के नंबर बदलने का काम भी तेज़ी से शुरू हो गया है। ट्रेन के नंबर में हो रहे बदलाव से रेल यात्रियों को एक बड़ा फायदा होने जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें जिन ट्रेनों के नंबर से जीरो हटता जाएगा, उनका किराया भी सस्ता होता जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को किराए में बड़ी राहत मिलने की आशा है।
यात्रियों को किराए में कितना लाभ मिल रहा है
स्पेशल ट्रेनें या ऐसी ट्रेनें के जिनके नंबर के आगे जीरो लगा है उनकी टिकट के रेट में कोई परिवर्तन नही हुआ है वही अगर बात करें ऐसी ट्रैन की जिनके नम्बर से जीरो हट गया है तो इनके किराए में कटौती करी गयी है। जैसे कि अगर कोई यात्री आनंद विहार से गोरखपुर फेस्टिवल स्पेशल से लखनऊ जाएगा, तो उसे थर्ड एसी के लिए 1000 रुपए किराया देना होगा, वहीं अगर वो यात्रीनई दिल्ली-लखनऊ एसी सुपरफास्ट में थर्ड एसी में लखनऊ तक का सफर करेगा तो उसे टिकट के लिएकेवल 835 रुपए खर्च करने होंगे।
किन गाड़ियों के बदले जा रहे है नम्बर
नॉर्दर्न रेलवे पहले चरण में 154 ट्रेनों के नंबर चेंज कर रहा है जिनके बाद बड़ी संख्या में ट्रेनों के किराए में कटौती देखी जा रही है। उदहारण के लिए आपको बताते हैं नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल तेजस स्पेशल का थर्ड एसी का किराया 2685 रुपए है, वहीं त्रिवेंद्रम राजधानी में 2560 रुपए और निजामुद्दीन-सीएसटी राजधानी का किराया 2735 रुपए है। भोपाल जाने के लिए निजामुद्दीन-सीएसटी राजधानी स्पेशल की थर्ड एसी के लिए 1680 रुपए किराया है वहीं सामान्य राजधानी का टिकट 1585 रुपए का है और शताब्दी की चेयरकार का टिकट 1000 रुपए में मिल जाएगा, जबकि अन्य स्पेशल ट्रेनों से किराया 80 से 100 रुपए तक ज्यादा लगेगा।
