पाकुड़ नगर में भारी वाहनों की नो-एंट्री का नया समय निर्धारित
- सुबह 6 बजे से रात 10:30 बजे तक नगर क्षेत्र में प्रवेश पर रोक
- पर्व-त्योहार और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन का फैसला
पाकुड़ : ज़िले के नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए भारी वाहनों के प्रवेश पर नो-एंट्री के समय में बदलाव किया गया है। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की आवाजाही, आम नागरिकों की सुविधा तथा आगामी पर्व-त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले यातायात के मद्देनजर अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी, पाकुड़ साइमन मरांडी ने नया आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार भारी वाहन, ट्रैक्टर एवं ट्रॉली के लिए सुबह 6:00 बजे से रात 10:30 बजे तक नो-एंट्री लागू रहेगी। इस अवधि में इन वाहनों को पाकुड़ नगर क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे शहर की मुख्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी।
- इन स्थानों पर भारी वाहनों के ठहराव की व्यवस्था
नो-एंट्री अवधि में पाकुड़ आने वाले भारी वाहनों के लिए अलग-अलग मार्गों पर ठहराव स्थल निर्धारित किए गए हैं।
– बरहरवा से आने वाले भारी वाहन: कित्ताझोर चौक, नगर परिषद चेकपोस्ट के समीप।
– हिरणपुर से आने वाले वाहन: सिंह बोरवेल, शहरकोल के समीप।
– महेशपुर से आने वाले वाहन: डीसी कार्यालय, आसनढीपा के समीप।
– मालपहाड़ी/मुफस्सिल से आने वाले वाहन: प्यादापुर नगर परिषद चेकपोस्ट के समीप।
– मुफस्सिल थाना की ओर से आने वाले वाहन: ओवरब्रिज के रास्ते हिरानंदपुर मंदिर के समीप।
- नियम तोड़ने वालों पर रहेगी प्रशासन की नजर
अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दंडाधिकारी साइमन मरांडी ने पाकुड़ नगर थाना प्रभारी एवं पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) को नो-एंट्री व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा मालपहाड़ी रोड से पुराने डीसी कार्यालय तक विभिन्न यातायात पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी भारी वाहनों के नगर क्षेत्र में प्रवेश पर रोक सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नो-एंट्री व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी। वाहन चालकों से निर्धारित समय और नियमों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ-साथ विद्यालय जाने वाले बच्चों, राहगीरों और आम नागरिकों की आवाजाही को सुरक्षित एवं सुगम बनाना है।
