पाकुड़ जिले में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
- जटाधारी शिव मंदिर एवं भौरीकोचा मंदिर को पर्यटन विभाग से डी-श्रेणी का दर्जा
- विकास व रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित
झारखण्ड/पाकुड़ : जिले के लिए पर्यटन की दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि पर्यटन विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा जिले के दो प्रमुख धार्मिक एवं आस्था के केंद्र—नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत स्थित जटाधारी शिव मंदिर तथा महेशपुर प्रखंड स्थित भौरीकोचा मंदिर—को डी- श्रेणी पर्यटन स्थल का दर्जा प्रदान किया गया है। यह निर्णय हाल ही में सचिव, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड सरकार की अध्यक्षता में संपन्न राज्य पर्यटन संवर्धन परिषद की बैठक में लिए गए प्रस्ताव के अनुरूप लिया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला क्रीड़ा सह पर्यटन पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को पर्यटन विभाग द्वारा चिन्हित किए जाने से इनके समग्र विकास की दिशा में नए अवसर सृजित होंगे। डी-श्रेणी का दर्जा प्राप्त होने के पश्चात भविष्य में इन स्थलों पर बुनियादी पर्यटन सुविधाओं के विकास, सौंदर्यीकरण, सड़क संपर्क, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की संभावनाएँ बढ़ेंगी। जटाधारी शिव मंदिर, जो नगर परिषद क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, वर्षभर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है। विशेष रूप से श्रावण मास में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। वहीं भौरीकोचा मंदिर, महेशपुर प्रखंड का एक प्राचीन एवं श्रद्धा का केंद्र है, जो स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है।
उपायुक्त सह अध्यक्ष, जिला पर्यटन संवर्धन परिषद, पाकुड़ मनीष कुमार ने इस उपलब्धि के लिए पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे न केवल जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, जिले के पर्यटन मानचित्र पर इन स्थलों को एक नई पहचान प्राप्त होगी।
विदित हो कि इन स्थलों को पर्यटन विभाग से डी-श्रेणी पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने हेतु गत वर्ष जिला पर्यटन संवर्धन परिषद, पाकुड़ की बैठक में निर्णय लेकर विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जिले के अन्य संभावित पर्यटन स्थलों को भी पर्यटन विभाग से मान्यता दिलाने हेतु आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं, ताकि पाकुड़ जिले को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

