JNU में छात्र गुटों के बीच फिर हुआ बवाल, पुलिस ने कहा- दोनों गुट एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
नयी दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के बीच एक बार फिर से बवाल हो गया। जिसके बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया। दरअसल, एबीवीपी और जेएनयूएसयू के सदस्यों के बीच जेएनयू परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद पुलिस को रात में जानकारी दी गई लेकिन पुलिस सुबह पहुंची। विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया था कि हाथापाई की नौबत आ गई थी। पुलिस ने बताया कि एबीवीपी और जेएनयूएसयू ने रविवार रात एक-दूसरे के सदस्यों पर हमला करने और अन्य विद्यार्थियों को जख्मी करने का आरोप लगाया।
इसे भी पढ़ें: स्कूल में शिक्षक के यौन उत्पीड़न की शिकार हुई छात्रा ने की आत्महत्या
एक दूसरे पर आरोप लगा रहे छात्र संगठन
वामपंथी संगठन ने बयान जारी कर बताया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर एक कार्यक्रम के आयोजन के लिए वामपंथी संगठन ने छात्र संघ सभागार को बुक कराया था और उसी से संबंधित पोस्टर लगाए थे। लेकिन देर शाम आयोजक जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो वहां पर एबीवीपी के 15 सदस्यों ने कब्जा किया हुआ था। इतना ही नहीं जेएनयूएसयू ने एबीवीपी पर हिंसा और आम छात्रों पर हमला करने का आरोप लगाया। जबकि दूसरी तरफ एबीवीपी ने कहा कि वामपंथी गुटों ने कई कार्यकर्ताओं पर हमला किया। इस हमले में लड़कियां और दिव्यांग भी जख्मी हुए हैं।
वहीं एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नारेबाजी की सूचना मिलते ही उन्होंने कार्रवाई की। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बैठक में बाधा डालने का आरोप लगा रहे हैं। जांच जारी है और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़ें: राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मकसद भारत को छात्रों के लिये वैश्विक स्थल के रूप में विकसित करना है
JNU प्रशासन ने की हिंसा की निंदा
जेएनयू प्रशासन ने छात्र संघ और एबीवीपी सदस्यों के बीच हुई झड़प की निंदा की। इसके साथ कहा कि छात्रसंघ सभागार की सुविधा सभी छात्रों के लिए है। उन्होंने कहा कि छात्रों को इस बात की जानकारी है कि जेएनयू परिसर स्थित ये स्थान एक आम सुविधा है जोकि बिना किसी भेदभाव के सभी छात्रों के लिए उपलब्ध है और प्रत्येक छात्र विश्वविद्यालय के तय नियमों का पालन करते हुए इसका उपयोग करने के लिए पात्र हैं।
